इस्लाम हमें सिखाता है कि इंसान का हर छोटा अमल भी अगर अल्लाह की याद के साथ हो, तो वह सवाब और बरकत का ज़रिया बन जाता है।
दूध पीना हमारी रोज़मर्रा की आदत है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि Doodh Peene Ki Dua पढ़कर यह आदत भी सुन्नत और इबादत बन सकती है।
दूध अल्लाह तआला की एक खास नेमत है, जिसका ज़िक्र कुरान-ए-पाक में भी मिलता है और जिसे रसूलुल्लाह ﷺ बेहद पसंद फरमाते थे।
इस लेख में आप जानेंगे Doodh Peene Ki Dua हिंदी, अरबी और इंग्लिश में, इसका मतलब, हदीस का बयान, कुरान की आयत और दूध पीने की फ़ज़ीलत।
दूध पीने से पहले पढ़ी जाने वाली दुआ
🥛 Doodh Peene Ki Dua in Hindi
अल्लाहुम्मा बारिक लना फ़ीहि व ज़िदना मिनहु
🥛 Doodh Peene Ki Dua in Arabic
اَللّٰهُمَّ بَارِكْ لَنَا فِيْهِ وَ زِدْنَا مِنْهُ
🥛 Doodh Peene Ki Dua in English
Allahumma Baarik Lanaa Feehi Wa Zidna Minhoo
दूध पीने की दुआ का अर्थ
इस दुआ में बंदा अल्लाह तआला से यह दुआ करता है:
“ऐ अल्लाह! हमारे लिए इस दूध में बरकत अता फरमा और हमें इससे और ज्यादा नेमतें नसीब फरमा।”
यह दुआ हमें शुक्रगुज़ारी और अल्लाह पर भरोसे की याद दिलाती है।
हदीस क्या कहती है दूध पीने की दुआ के बारे में
हदीस में बताया गया है कि जब कोई मुसलमान दूध पिए, तो यह दुआ पढ़े। इसकी वजह यह है कि दूध अकेली ऐसी चीज़ है जो खाने और पानी दोनों का काम करती है।
यानी दूध:
- भूख को भी मिटाता है
- प्यास को भी बुझाता है
इसी लिए दूध को मुकम्मल ग़िज़ा कहा गया है।
📚 Kitab Al-Ashribah
रसूलुल्लाह ﷺ और दूध की पसंद
नबी करीम ﷺ को पीने वाली चीज़ों में दूध बहुत पसंद था। हदीसों से पता चलता है कि जब आपको दूध तोहफे में पेश किया गया, तो आपने खुद भी दूध नोश फरमाया और दूसरों को भी पिलाया।
इससे हमें यह सबक मिलता है कि दूध पीना सिर्फ सेहत के लिए अच्छा नहीं, बल्कि यह सुन्नत पर अमल भी है।
कुरान ए पाक में दूध का बयान
अल्लाह तआला कुरान-ए-पाक में दूध को अपनी कुदरत की निशानी बताते हैं।
सूरह अन-नहल, आयत 66:
अल्लाह फरमाता है कि वह मवेशियों के पेट से खून और गोबर के बीच से खालिस दूध निकालता है, जो पीने वालों के लिए आसान होता है।
यह आयत हमें बताती है कि दूध इंसानी मेहनत नहीं, बल्कि अल्लाह की सीधी नेमत है।
दूध पीने की फ़ज़ीलत और फायदे
इस्लामी तालीम और तिब्बी रिसर्च — दोनों दूध के फायदों की तस्दीक करते हैं।
- दूध एक मुकम्मल और ताक़त देने वाली ग़िज़ा है
- इसमें कुदरती तौर पर शिफ़ा रखी गई है
- दूध हड्डियों को मज़बूत बनाता है
- रोज़ाना दूध पीने से शरीर में ताक़त बनी रहती है
- रात को हल्का गर्म दूध बेहतर नींद में मदद करता है
- सुबह दूध पीने से सुस्ती और थकान कम होती है
- कुछ मामलों में दूध पेशाब की जलन में राहत देता है
क्यों याद रखनी चाहिए Doodh Peene Ki Dua
हम रोज़ दूध पीते हैं, लेकिन अगर हर बार उससे पहले Doodh Peene Ki Dua पढ़ ली जाए, तो:
- अल्लाह की बरकत शामिल हो जाती है
- आम आदत इबादत बन जाती है
- सुन्नत पर अमल का मौका मिलता है
यही इस्लाम की खूबसूरती है कि वह रोज़मर्रा के कामों को भी सवाब से जोड़ देता है।
आख़िरी नसीहत
मेरे प्यारे मुस्लिम भाइयों और बहनों, Doodh Peene Ki Dua बहुत आसान है, लेकिन इसका असर बहुत बड़ा है। कोशिश करें कि आज से ही इसे अपनी आदत बना लें और अपने बच्चों को भी सिखाएं।
अगर यह जानकारी आपको फायदेमंद लगी हो, तो इसे अपने घर वालों, दोस्तों और इस्लामिक ग्रुप्स में ज़रूर शेयर करें, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस सुन्नत से जुड़ सकें।