इस्लाम हमें सिखाता है कि ज़िंदगी का हर नया लम्हा अल्लाह की याद के साथ शुरू किया जाए। जब भी नया चाँद दिखाई देता है, तो यह अल्लाह की एक बड़ी निशानी होती है।
ऐसे मौके पर Chand Dekhne Ki Dua पढ़ना रसूलुल्लाह ﷺ की सुन्नत है। नया चाँद इस्लामी महीनों की शुरुआत का ऐलान करता है चाहे वह रमज़ान हो, शाबान हो या ईद का चाँद।
इस लेख में आप Chand Dekhne Ki Dua को हिंदी, अरबी और इंग्लिश में जानेंगे, साथ ही इसका मतलब, इसकी फ़ज़ीलत और हदीस का हवाला भी पढ़ेंगे।
चाँद देखने पर पढ़ी जाने वाली दुआ
🌙 Chand Dekhne Ki Dua in Hindi
अल्लाहुम्मा अहिल्लहु अलयना बिल युमनी वल ईमान वस्सलामति वल इस्लाम वत्तौफ़ीकि लिमा तुहिब्बु व तरज़ा, रब्बी व रब्बुकल्लाह
🌙 Chand Dekhne Ki Dua in Arabic
اَللّٰهُمَّ أَهِلَّهُ عَلَيْنَا بِالْيُمْنِ وَالْإِيْمَانِ وَالسَّلَامَةِ وَالْإِسْلَامِ وَالتَّوْفِيقِ لِمَا تُحِبُّ وَتَرْضَى، رَبِّي وَرَبُّكَ اللّٰهُ
🌙 Chand Dekhne Ki Dua in English
Allahumma Ahillahu ‘Alayna Bil-Yumni Wal Iman Was-Salamati Wal-Islam Wat-Tawfiqi Lima Tuhibbu Wa Tarda, Rabbi Wa Rabbukallah
चाँद देखने की दुआ का अर्थ
इस दुआ का मतलब है:
“ऐ अल्लाह! इस चाँद को हमारे लिए बरकत, ईमान, खैरियत, सलामती और इस्लाम के साथ ज़ाहिर फरमा। और हमें उन कामों की तौफीक दे जो तुझे पसंद हैं और जिनसे तू राज़ी होता है। ऐ चाँद! मेरा और तेरा रब अल्लाह ही है।”
यह दुआ हमें याद दिलाती है कि हर नया महीना अल्लाह की मर्ज़ी से शुरू होता है।
हदीस में Chand Dekhne Ki Dua का बयान
हदीस शरीफ में आता है कि नबी-ए-करीम ﷺ जब नया चाँद देखते थे, तो यही दुआ पढ़ते थे।
📚 तिर्मिज़ी शरीफ, जिल्द 2, सफ़ा 183
📚 हिस्ने हसीन, सफ़ा 160
इससे यह साबित होता है कि चाँद देखने पर यह दुआ पढ़ना सुन्नत है।
चाँद देखने की दुआ की फ़ज़ीलत
Chand Dekhne Ki Dua बहुत ही मुकम्मल दुआ है, क्योंकि इसमें दुनियावी और दीन दोनों की भलाई मांगी जाती है।
- यह दुआ बरकत और नेमत की हिफ़ाज़त के लिए पढ़ी जाती है
- इससे ईमान में मज़बूती आती है
- खैरियत और सलामती की दुआ शामिल होती है
- अल्लाह की पसंदीदा राह पर चलने की तौफीक मांगी जाती है
कब पढ़नी चाहिए Chand Dekhne Ki Dua
- जब भी नया चाँद दिखाई दे
- रमज़ान का चाँद देखते समय
- ईद-उल-फ़ित्र और ईद-उल-अज़हा का चाँद देखते वक्त
- हर इस्लामी महीने की शुरुआत पर
क्यों याद रखना ज़रूरी है चाँद देखने की दुआ
आज के दौर में लोग चाँद देखते ही फोटो, स्टेटस और मैसेज में लग जाते हैं, लेकिन सुन्नत भूल जाते हैं। अगर Chand Dekhne Ki Dua याद हो, तो:
- सुन्नत पर अमल होता है
- हर नया महीना बरकत से शुरू होता है
- अल्लाह की रहमत शामिल हो जाती है
आख़िरी नसीहत
मेरे प्यारे मुस्लिम भाइयों और बहनों, Chand Dekhne Ki Dua बहुत आसान है लेकिन इसका असर बहुत बड़ा है। कोशिश करें कि अगली बार जब भी चाँद देखें, सबसे पहले यह दुआ पढ़ें और अपने बच्चों को भी सिखाएं।
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