क़ुरआन-ए-पाक की हर आयत नूर है, लेकिन उनमें से कुछ आयतें ऐसी हैं जो पूरे क़ुरआन का सार बन जाती हैं। आयतुल कुर्सी उन्हीं में से एक है रहमत, बरकत और हिफ़ाज़त से भरपूर एक मुकम्मल पैग़ाम।
आज इस लेख में आप Ayatul Kursi In Hindi के साथ-साथ इसे अरबी और इंग्लिश में भी पढ़ पाएँगे। इसे इस तरह लिखा गया है कि आप आसानी से पढ़ सकें, याद कर सकें और ज़रूरत के वक़्त दिल से पढ़कर सुकून पा सकें।
यहाँ आपको न सिर्फ़ आयतुल कुर्सी मिलेगी, बल्कि उसकी फज़ीलत, असर और अहमियत भी विस्तार से जानने को मिलेगी। इसलिए इस पूरे पैग़ाम को ध्यान से अंत तक पढ़िए।
🌙 Ayatul Kursi In Hindi
अल्लाहु ला इलाहा इल्लाहु वल हय्युल क़य्यूम
ला तअखुज़ुहू सि-नतंव वला नौम
लहु मा फिस्समावाति व मा फिल अर्द
मन ज़ल्लज़ी यश्फ़उ इन्दहु इल्ला बि इज़्निह
यअलमु मा बैना अयदीहिम व मा ख़ल्फ़हुम
वला युहीतूना बिशैइं मिन इल्मिही इल्ला
बिमा शा-अ वसिअ कुर्सिय्युहुस्समावाति वल अर्द
वला यऊदुहू हिफ़्ज़ुहुमा व हुवल अलीय्युल अज़ीम
🕌 Ayatul Kursi In Arabic
اللَّهُ لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ الْحَيُّ الْقَيُّومُ
لَا تَأْخُذُهُ سِنَةٌ وَلَا نَوْمٌ
لَهُ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَمَا فِي الْأَرْضِ
مَنْ ذَا الَّذِي يَشْفَعُ عِنْدَهُ إِلَّا بِإِذْنِهِ
يَعْلَمُ مَا بَيْنَ أَيْدِيهِمْ وَمَا خَلْفَهُمْ
وَلَا يُحِيطُونَ بِشَيْءٍ مِنْ عِلْمِهِ إِلَّا
بِمَا شَاءَ وَسِعَ كُرْسِيُّهُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ
وَلَا يَئُودُهُ حِفْظُهُمَا وَهُوَ الْعَلِيُّ الْعَظِيمُ
🌍 Ayatul Kursi In English
Allahu La-ilaha Illa Hu Wal Hayyul Qayyum
La Ta’khuzuhu Sinatun Wala Naum
Lahu Ma Fis Samawati Wa Ma Fil Ard
Man Zallazi Yashfa’u Indahu Illa Bi Iznah
Ya’lamu Ma Baina Aydihim Wa Ma Khalfahum
Wa La Yuhituna Bi Shai’im Min Ilmihi Illa
Bima Sha’a Wasiya Kursiyyuhus Samawati Wal Ard
Wa La Ya’uduhu Hifzuhuma Wa Huwal Aliyyul Azim
📖 Ayatul Kursi Ka Tarjuma (Hindi)
अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, वही ज़िंदा है और सबको संभालने वाला है।
उसे न ऊँघ आती है और न नींद।
जो कुछ आसमानों में है और जो कुछ ज़मीन में है, सब उसी का है।
कौन है जो उसके हुक्म के बिना उसके सामने सिफ़ारिश कर सके?
वह जानता है जो कुछ उनके सामने है और जो कुछ उनके पीछे है।
लोग उसके इल्म में से कुछ भी नहीं जान सकते, सिवाय उसके जो वह चाहे।
उसकी कुर्सी आसमानों और ज़मीन पर छाई हुई है,
और इन दोनों की हिफ़ाज़त उसे थकाती नहीं।
वही सबसे ऊँचा, सबसे बड़ा है।
🕊️ आयतुल कुर्सी क्या सिखाती है?
आयतुल कुर्सी हमें यह यक़ीन दिलाती है कि:
- अल्लाह ही असली मालिक है
- हर ताक़त उसी के हाथ में है
- वह कभी नहीं सोता, कभी कमज़ोर नहीं पड़ता
- वह हमारी हर हालत से वाक़िफ़ है
- हमारी हिफ़ाज़त उसी के ज़िम्मे है
जब इंसान इसे समझकर पढ़ता है, तो दिल से डर निकल जाता है और अल्लाह पर भरोसा मज़बूत हो जाता है।
🌿 आयतुल कुर्सी की फज़ीलत
- हदीस में आया है कि आयतुल कुर्सी क़ुरआन की सबसे अज़ीम आयत है।
- इसे पढ़ने से घर से शैतान भाग जाते हैं।
- जो शख़्स रात में सोते समय इसे पढ़ता है, अल्लाह पूरी रात उसकी हिफ़ाज़त करते हैं।
- उसके साथ-साथ उसका घर और आस-पास के घर भी महफूज़ रहते हैं।
- हर नमाज़ के बाद आयतुल कुर्सी पढ़ने वाला जन्नत का हक़दार बनता है।
- इसे पढ़ने वाले पर शैतानी असर नहीं होता।
- तंगी, डर, नज़र और परेशानी में यह ढाल बन जाती है।
- घर और कारोबार में बरकत के लिए इसे पढ़ा और लिखा जाता है।
- सुबह-शाम और सोते समय इसे पढ़ने से चोरी, आग और बुरी बलाओं से बचाव होता है।
- अच्छी नीयत से घर में लगाने से फाक़े और तंगी से निजात मिलती है।
🤲 आयतुल कुर्सी कब और कैसे पढ़ें?
- हर फ़र्ज़ नमाज़ के बाद
- रात को सोने से पहले
- घर से निकलते वक़्त
- डर, बेचैनी या परेशानी में
- बच्चे पर फूंकने के लिए
- बीमार पर दम करने के लिए
वुज़ू के साथ पढ़ना बेहतर है, लेकिन बिना वुज़ू भी पढ़ सकते हैं। सबसे ज़रूरी चीज़ है – यक़ीन।
✨ अंतिम बातें
आयतुल कुर्सी सिर्फ़ एक आयत नहीं, बल्कि मोमिन की ढाल है। यह डर को ख़त्म करती है, दिल को मजबूत बनाती है और इंसान को उसके रब से जोड़ती है।
हमने इसे तीन मशहूर भाषाओं में इसलिए लिखा है ताकि आप अपनी पसंद की भाषा में सही तरह पढ़ सकें और हमेशा के लिए इसे अपने दिल और ज़ेहन में बसा सकें।
ऐ अल्लाह! अगर आयतुल कुर्सी लिखने या पढ़ने में हमसे किसी एक हर्फ़, लफ़्ज़ या नुक्ते में भी गलती हुई हो, तो अपने रहमो करम से हमें माफ़ फ़रमा। आमीन।