Mitti Dene Ki Dua In Hindi | कब्र पर मिट्टी देते समय पढ़ें यह दुआ

मौत एक हक़ीक़त है और हर इंसान को एक दिन इस दुनिया से रुख़्सत होना है। जब किसी अपने को आख़िरी सफ़र पर विदा करते हैं।

और उसे क़ब्र में उतारा जाता है, तो उस वक़्त दिल बहुत भारी होता है। ऐसे नाज़ुक लम्हों में इस्लाम हमें सब्र, अदब और दुआ का रास्ता दिखाता है।

क़ब्र पर मिट्टी डालना सिर्फ़ एक रस्म नहीं, बल्कि एक इबादत और इबरत का मौका है। इसी वक़्त पढ़ी जाने वाली दुआ हमें याद दिलाती है कि हम मिट्टी से बने हैं और एक दिन उसी मिट्टी में लौट जाना है।

आज आप यहाँ Mitti Dene Ki Dua In Hindi, अरबी और इंग्लिश में जानेंगे। हमने इसे बहुत आसान और साफ़ लफ्ज़ों में पेश किया है, ताकि आप क़ब्र पर मिट्टी देते वक़्त सही तरीक़े से दुआ पढ़ कर सुन्नत पर अमल कर सकें।


मिट्टी देने की अहम बात

आप यह बात ज़रूर जानते होंगे कि एक मय्यत पर आम तौर पर एक आदमी द्वारा तीन बार मिट्टी डाली जाती है। हर बार मिट्टी डालते समय अलग-अलग दुआ पढ़ी जाती है।

यह तीनों जुमले क़ुरआन से लिए गए हैं और हमें हमारी असलियत याद दिलाते हैं—हम मिट्टी से बने हैं, उसी में लौटेंगे और उसी से दोबारा उठाए जाएंगे।


पहली दफ़ा मिट्टी देने की दुआ

Hindi

मिनहा खलक़नाकुम

Arabic

مِنْهَا خَلَقْنَاكُمْ

English

Minha Khalaqnaakum


दूसरी दफ़ा मिट्टी देने की दुआ

Hindi

व फ़ीहा नुईदुकुम

Arabic

وَفِيهَا نُعِيدُكُمْ

English

Wa Feeha Nu‘eedukum


तीसरी दफ़ा मिट्टी देने की दुआ

Hindi

व मिन्हा नुख़रिजुकुम तारतन उख़रा

Arabic

وَمِنْهَا نُخْرِجُكُمْ تَارَةً أُخْرَى

English

Wa Minha Nukhrijukum Taaratan Ukhra


मिट्टी देने की दुआ का तरजुमा

मिनहा खलक़नाकुम
उसी मिट्टी से हमने तुम्हें पैदा किया।

व फ़ीहा नुईदुकुम
और उसी मिट्टी में तुम्हें वापस लौटाएँगे।

व मिन्हा नुख़रिजुकुम तारतन उख़रा
और उसी से एक बार फिर तुम्हें बाहर निकालेंगे।

यह आयतें हमें याद दिलाती हैं कि दुनिया की ज़िंदगी चंद दिनों की है और आख़िरकार हमें अपने रब के पास लौटना है।


क़ब्र पर मिट्टी देने का सही तरीका

  • मिट्टी देने में मुस्तहब यह है कि सिरहाने की तरफ़ खड़े होकर दोनों हाथों से मिट्टी उठाई जाए।
  • पहली बार मिट्टी डालते हुए पढ़ें: मिनहा खलक़नाकुम
  • दूसरी बार मिट्टी उठाकर पढ़ें: व फ़ीहा नुईदुकुम और मिट्टी डालें।
  • तीसरी बार मिट्टी डालते समय पढ़ें: व मिन्हा नुख़रिजुकुम तारतन उख़रा
  • तीनों बार मिट्टी नर्मी और अदब के साथ क़ब्र पर डालें।
  • बेहतर यह है कि जब तक सब लोग मिट्टी न डाल लें, आप वहीं खड़े रहकर दुआ करते रहें।
  • अगर मुमकिन हो तो दूसरों को भी ये दुआएँ सुनाते रहें, ताकि वे भी सही तरीक़े से पढ़ सकें।

ऐसा करना बड़ी नेकी और सवाब का काम है।


अंतिम लफ्ज़

मेरे प्यारे मोमिनों, अब आप क़ब्र पर मिट्टी देने की दुआ और उसका सही तरीक़ा अच्छे से जान चुके हैं। हमने यहाँ इन दुआओं को हिंदी, अरबी और इंग्लिश तीनों ज़बानों में आसान अंदाज़ में पेश किया था।

ताकि हर कोई इसे समझ सके और अमल में ला सके अगर इसे पढ़ने के बाद भी आपके दिल में कोई सवाल या डाउट रह जाए, तो आप बेझिझक कॉमेंट करके पूछ सकते हैं।

और अगर यह जानकारी आपके लिए फ़ायदेमंद साबित हुई हो, तो इसे ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुँचाएँ—ताकि हर मोमिन भाई सही तरीक़े से क़ब्र पर मिट्टी देने की सुन्नत पर अमल कर सके और सवाब कमा सके।