Dua E Qunoot In Hindi – वित्र की नमाज़ की सबसे अहम दुआ हिंदी में

रात की खामोशी में जब मोमिन अल्लाह के सामने खड़ा होता है और वित्र की नमाज़ अदा करता है, तो उसी नमाज़ की रूह होती है दुआ ए क़ुनूत।

यह सिर्फ़ कुछ अल्फ़ाज़ नहीं, बल्कि अल्लाह से मदद, मग़फ़िरत और रहमत मांगने की एक मुकम्मल फरियाद है। इस लेख में आप Dua E Qunoot In Hindi को बेहद आसान अंदाज़ में जानेंगे

एक बार अगर आपने इसे यहां से याद कर लिया, तो फिर कहीं और ढूंढने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। तो आइए, पूरी तवज्जो के साथ पढ़ें।


Dua E Qunoot In Hindi

अल्लाहुम्मा इन्ना नस्तइनु क व नस्तग्फिरूक व नुअमिनु बि क व न तवक्कलु अलैक व नुस्नी अलैकल खैर व नशकुरुक वला नक्फुरू क व नख लओ व नतरूकु मंय्यफ्जुरू क.

अल्लाहुम्म इय्या क नअबुदू व लका नुसल्ली व नस्जुदू व इलैक नसआ व नहफिदु व नरजु रहमत क व नख्शा अजा इन्न अजा ब क बिल कुफ्फारि मुल्हिक


Dua E Qunoot In Arabic

اَللَّهُمَّ إنا نَسْتَعِينُكَ وَنَسْتَغْفِرُكَ وَنُؤْمِنُ بِكَ وَنَتَوَكَّلُ عَلَيْكَ وَنُثْنِئْ عَلَيْكَ الخَيْرَ وَنَشْكُرُكَ وَلَا نَكْفُرُكَ وَنَخْلَعُ وَنَتْرُكُ مَنْ ئَّفْجُرُكَ اَللَّهُمَّ إِيَّاكَ نَعْبُدُ وَلَكَ نُصَلِّئ وَنَسْجُدُ وَإِلَيْكَ نَسْعأئ وَنَحْفِدُ وَنَرْجُو رَحْمَتَكَ وَنَخْشآئ عَذَابَكَ إِنَّ عَذَابَكَ بِالكُفَّارِ مُلْحَقٌ


Dua E Qunoot In English

Allahumma Inna Nastainuka Wa Nastagfiruka Wa Nuaminu Bika Wa Na Tawakkalu Alaika Wa Nusni Alaikal Khair Wa Nashkuruk Walaa Nakfuruka Wa Nakh Lao Wa Natruku Mayyafzuruk.

Allahumma Iyyaka Na‘budu Wa Laka Nusalli Wa Nasjudu Wa Ilaika Nas‘aa Wa Nahfidu Wa Narju Rahmataka Wa Nakhsha ‘Azabaka Inna ‘Azabaka Bil Kuffari Mulhiq.


Dua E Qunoot Ka Tarjuma

ऐ अल्लाह! हम तुझसे मदद मांगते हैं, तुझसे बख़्शिश चाहते हैं, तुझ पर ईमान लाते हैं और तुझ पर ही भरोसा रखते हैं। हम तेरी बेहतरीन तारीफ़ करते हैं, तेरा शुक्र अदा करते हैं और तेरी नाशुक्री नहीं करते।

हम उससे अलग हो जाते हैं और उसे छोड़ देते हैं जो तेरी नाफ़रमानी करता है। ऐ अल्लाह! हम सिर्फ़ तेरी ही इबादत करते हैं, तेरे लिए ही नमाज़ पढ़ते हैं, तुझ ही को सजदा करते हैं और तेरी ही तरफ दौड़ते हैं।

हम तेरी रहमत के उम्मीदवार हैं और तेरे अज़ाब से डरते हैं। बेशक तेरा अज़ाब काफ़िरों को पहुँचने वाला है।


दुआ ए कुनूत कब पढ़ी जाती है?

दुआ ए कुनूत वित्र की नमाज़ की तीसरी रकात में पढ़ी जाती है। तरीका यह है:

  1. तीसरी रकात में पहले सूरह फातिहा पढ़ें।
  2. फिर सूरह इख़लास (कुल हू वल्लाहू) पढ़ें।
  3. इसके बाद “अल्लाहु अकबर” कहते हुए हाथ उठाएं और फिर से बांध लें।
  4. इसी हालत में दुआ ए कुनूत पढ़ी जाती है।
  5. दुआ पढ़ने के बाद सीधे रूकू में जाएं, फिर सज्दा करके नमाज़ मुकम्मल करें।

यही वित्र की नमाज़ में दुआ ए कुनूत पढ़ने का सही और मस्नून तरीका है।


दुआ ए कुनूत याद न हो तो क्या पढ़ें?

अगर किसी वजह से आपको दुआ ए कुनूत याद न हो, तो आप यह दुआ पढ़ सकते हैं, जिससे वित्र की नमाज़ दुरुस्त हो जाएगी:

रब्बना आतिना फिद्दुनिया हसनतंव व फिल आखिरति हसनतंव वकिना अज़ाबन नार

رَبَّنَا آتِنَا فِي الدُّنْيَا حَسَنَةً وَفِي الْآخِرَةِ حَسَنَةً وَقِنَا عَذَابَ النَّارِ

Rabbana Aatina Fidduniya Hasanatan Wa Fil Aakhirati Hasanatan Wa Qina ‘Azaban Naar

लेकिन बेहतर यही है कि आप ऊपर दी गई असल दुआ ए कुनूत को ही याद करें और उसी को पढ़ें। यह सोचकर इसे हल्का न समझें कि छोटी दुआ भी काफी है। याद रखें वित्र की नमाज़ में दुआ ए कुनूत की अपनी खास अहमियत है।


अंतिम लफ्ज़

मेरे प्यारे मोमिनों, अब तक आप दुआ ए क़ुनूत को पढ़ भी चुके होंगे और उसका मतलब भी समझ गए होंगे। हमने इसे हिंदी, अरबी और इंग्लिश तीनों भाषाओं में इसलिए पेश किया था।

ताकि आप अपनी पसंद की ज़ुबान में इसे आसानी से पढ़ें, याद करें और अपनी इबादत का हिस्सा बनाएं। अगर आपने पूरा लेख ध्यान से पढ़ा है, तो अब आप वित्र की नमाज़ में दुआ ए क़ुनूत सही तरीके से पढ़ना सीख चुके हैं।

फिर भी अगर दिल में कोई सवाल या उलझन हो, तो कमेंट करके ज़रूर पूछें। और हां, इस पोस्ट को उन लोगों तक ज़रूर पहुंचाएं जिन्हें इसकी ज़रूरत है, ताकि हर मुसलमान दुआ ए क़ुनूत जान सके।