ज़िंदगी में कई बार ऐसे मोड़ आते हैं जहाँ दिल उलझ जाता है समझ नहीं आता कि कौन-सा रास्ता सही है। शादी का मामला हो नौकरी या कारोबार का फ़ैसला, या कोई बड़ा कदम।
हर जगह इंसान को अल्लाह की रहनुमाई चाहिए होती है। इसी रहनुमाई का सबसे खूबसूरत तरीक़ा है इस्तिखारा। जिसका दुआ यहाँ आप जानेगे जी हाँ आज Istikhara Ki Dua जानेंगे।
इस आर्टिकल को हमने आसान, दिल को छू लेने वाले अंदाज़ में तैयार किया है ताकि आप इसे पढ़कर तुरंत अमल में ला सकें। यकीन मानिए इसके बाद फिर नहीं तलाशनी पड़ेगी।
Istikhara Ki Dua In Hindi
अल्लाहुम्मा इन्नी अस्तखिरू क बेइल्मिक व अस्तकदिरु क बे कुदरतिक व अस अलु क मिन फजलिकल अज़ीम फ इन्न क तक्दीरु वला अकदिर व ताअलमु वला आअलम व अन त आलमुल गुयुब।
अल्लाहुम्म इन कुन त ताअलमु अन्न हाज़ल अम्र खैरूल्ली फि दीनी व मआसी व आकिबती अम्री फक दुरहु ली व यस्सिरहु ली सुम्म बारिकली फिही।
व इन कुन त ताअलमु अन्न हाज़ल अम्र सर्रूलि फि दीनी व मआसी व आकिबती अम्री फसरिफहु अन्नि व असरिफनी अन्हुं वकदुर लि यल खैर हयसु का न सुम्म अर्जिनी बिही।
नोट: “हाज़ल अम्र” की जगह अपनी ज़रूरत ज़ुबान से कहें—
जैसे: “ऐ अल्लाह, यह शादी / यह काम / यह फ़ैसला मेरे लिए बेहतर है या नहीं?”
Istikhara Ki Dua In Arabic
اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْتَخِيرُكَ بِعِلْمِكَ، وَأَسْتَقْدِرُكَ بِقُدْرَتِكَ، وَأَسْأَلُكَ مِنْ فَضْلِكَ الْعَظِيمِ، فَإِنَّكَ تَقْدِرُ وَلَا أَقْدِرُ، وَتَعْلَمُ، وَلَا أَعْلَمُ، وَأَنْتَ عَلَّامُ الْغُيُوبِ۔
اللَّهُمَّ إِنْ كُنْتَ تَعْلَمُ أَنَّ هَذَا الْأَمْرَ خَيْرٌ لِي فِي دِينِي وَمَعَاشِي وَعَاقِبَةِ أَمْرِي فَاقْدُرْهُ لِي وَيَسِّرْهُ لِي ثُمَّ بَارِكْ لِي فِيهِ۔
وَإِنْ كُنْتَ تَعْلَمُ أَنَّ هَذَا الْأَمْرَ شَرٌّ لِي فِي دِينِي وَمَعَاشِي وَعَاقِبَةِ أَمْرِي فَاصْرِفْهُ عَنِّي وَاصْرِفْنِي عَنْهُ وَاقْدُرْ لِيَ الْخَيْرَ حَيْثُ كَانَ ثُمَّ أَرْضِنِي بِهِ۔
Istikhara Ki Dua In English
Allahumma inni astakhiru-ka bi ‘ilmika, wa astaqdiru-ka bi qudratika, wa as’aluka min fadlikal azeem.
Fa innaka taqdiru wa la aqdir, wa ta‘lamu wa la a‘lam, wa anta ‘allamul ghuyoob.
Allahumma in kunta ta‘lamu anna hazal amra khairun li fi deeni wa ma‘aashi wa ‘aaqibati amri, faqdurhu li wa yassirhu li thumma baarik li fihi.
Wa in kunta ta‘lamu anna hazal amra sharrun li fi deeni wa ma‘aashi wa ‘aaqibati amri, fasrifhu ‘anni wasrifni ‘anhu waqdur li-al-khaira haisu kaan, thumma ar-dhini bihi.
दुआ का हिंदी अर्थ (Tarjuma)
ऐ अल्लाह! मैं तेरे इल्म के ज़रिए तुझसे भलाई चाहता हूँ और तेरी क़ुदरत के ज़रिए तुझसे ताक़त मांगता हूँ। तू कर सकता है, मैं नहीं कर सकता; तू जानता है, मैं नहीं जानता और तू ही गैब का जानने वाला है।
अगर यह काम मेरे दीन, मेरी दुनिया और मेरे अंजाम के लिए बेहतर है, तो इसे मेरे लिए मुक़द्दर कर दे, आसान कर दे और इसमें बरकत अता फरमा।
और अगर यह मेरे लिए बुरा है, तो इसे मुझसे दूर कर दे और मुझे भी इससे दूर कर दे; जहाँ भी भलाई हो, वही मेरे नसीब में लिख दे और मुझे उसी पर राज़ी कर दे।
Istikhara Ki Namaz Ka Tarika (Step-by-Step)
- वुज़ू करें और दो रकात नफ़्ल नमाज़ पढ़ें।
- नमाज़ के बाद अल्लाह की हम्द करें और दरूद शरीफ़ पढ़ें।
- पूरी दुआ-ए-इस्तिखारा पढ़ें।
- अपने मसले को दिल में रखकर अल्लाह से रहनुमाई मांगें।
- इसके बाद जो रास्ता आसान लगे और दिल में सुकून आए, उसी पर अमल करें।
Istikhara Ki Dua For Marriage
शादी जैसे बड़े फ़ैसले के लिए भी यही दुआ पढ़ी जाती है। हुज़ूर ﷺ ने हमें सिखाया कि निकाह का इरादा हो तो दो रकात नमाज़ पढ़कर दुआ-ए-इस्तिखारा करें।
इससे इंसान अपने रब से सीधा मशवरा लेता है। इंशाअल्लाह, अल्लाह वही रास्ता खोलता है जो आपके हक़ में सबसे बेहतर होता है।
अंतिम लफ्ज़
इस्तिखारा सिर्फ़ दुआ नहीं, बल्कि अल्लाह से भरोसे का रिश्ता है। जब इंसान अपनी समझ छोड़कर रब की रहनुमाई चाहता है, तो उसके फ़ैसले आसान हो जाते हैं और दिल को सुकून मिल जाता है।
हमने इस गाइड को आसान और दिल से जुड़ने वाले अंदाज़ में तैयार किया था ताकि आप बिना उलझन के इसे पढ़ सकें और अमल में ला सकें।
अगर यह दुआ आपके लिए फायदेमंद लगा हो, तो इसे दूसरों तक ज़रूर पहुँचाएँ—ताकि हर परेशान दिल अल्लाह से सही रास्ता मांग सके।