नमाज़ मोमिन और अल्लाह के बीच सबसे मजबूत रिश्ता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि नमाज़ के बाद मांगी गई दुआ सबसे ज़्यादा कुबूल होती है?
नमाज़ मुकम्मल करने के बाद दिल नरम होता है, आँखें झुकी होती हैं और रूह अल्लाह के सबसे क़रीब होती है। यही वक़्त है जब Namaz Ke Baad Ki Dua दिल से निकले तो आसमान तक पहुँचती है।
आज इस मुकम्मल लेख में आप जानेंगे नमाज़ के बाद की दुआ हिंदी, अरबी और इंग्लिश में, दुआ का सही सुन्नत तरीका, दुआ कैसे मांगी जाए कि कुबूलियत के आसार बढ़ जाएं।
🤲 Namaz Ke Baad Ki Dua In Hindi
अल्लाहुम्मा अन्तस्सलामु व मिनकस्सलामु व इलैका यर्जिउस्सलाम,
फहय्यिना रब्बना बिस्सलाम,
व अदखिल्ना दारस्सलाम,
व तबारकता रब्बना व तआलैता या जलजलालि वल इकराम।
🤲 Namaz Ke Baad Ki Dua In Arabic
اللَّهُمَّ أَنْتَ السَّلَامُ وَمِنْكَ السَّلَامُ وَإِلَيْكَ يَرْجِعُ السَّلَامُ
فَحَيِّنَا رَبَّنَا بِالسَّلَامِ
وَأَدْخِلْنَا دَارَ السَّلَامِ
وَتَبَارَكْتَ رَبَّنَا وَتَعَالَيْتَ يَا جَلَّالِ وَالْإِكْرَامِ
🤲 Namaz Ke Baad Ki Dua In English
Allahumma Antas-Salam,
Wa Minkas-Salam,
Wa Ilaika Yarji‘us-Salam.
Fahaiyyina Rabbana Bis-Salam,
Wa Adkhilna Daras-Salam,
Wa Tabarakta Rabbana Wa Ta‘alaita Ya Zal-Jalali Wal Ikram.
📖 नमाज़ के बाद की दुआ का मतलब
ऐ अल्लाह! तू ही सलामती है,
सलामती सिर्फ तुझ से ही मिलती है,
और सलामती तेरी ही तरफ लौटती है।
ऐ हमारे रब!
हमें सलामती के साथ ज़िंदा रख,
और हमें जन्नत — दारुस्सलाम में दाखिल फरमा।
ऐ जलाल और इकराम वाले रब!
तू बहुत ही बरकत और बुलंदी वाला है।
🕌 नमाज़ के बाद यह दुआ कब पढ़ें?
- हर फर्ज़ नमाज़ के बाद यह दुआ पढ़ी जाती है
- अगर फर्ज़ के बाद सुन्नत नमाज़ पढ़नी हो, तो
सिर्फ यही दुआ पढ़ें, लंबी दुआ बाद में करें - सुन्नत में बेवजह देर करने से उसका सवाब कम हो जाता है
🌿 नमाज़ के बाद दुआ पढ़ने का सही तरीका
नमाज़ मुकम्मल होने के बाद यह तरीका अपनाएँ:
1️⃣ 3 बार इस्तग़फ़ार पढ़ें
अस्तग़फिरुल्लाह रब्बी मिन कुल्ली ज़म्बिव्व अतूबु इलैह
2️⃣ 1 बार आयतुल कुर्सी पढ़ें
3️⃣ तीनों क़ुल पढ़ें
- सूरह इख़लास
- सूरह फलक
- सूरह नास
4️⃣ नमाज़ की तस्बीह पढ़ें
- 33 बार सुब्हानअल्लाह
- 33 बार अल्हम्दुलिल्लाह
- 34 बार अल्लाहु अकबर
5️⃣ इसके बाद ऊपर दी गई Namaz Ke Baad Ki Dua पढ़ें
🤲 नमाज़ के बाद दुआ कैसे माँगें?
अब दुआ माँगने का सबसे बेहतर तरीका:
- सबसे पहले 3 बार दुरूद शरीफ पढ़ें
- फिर अल्लाह की हम्द बयान करें
- नम्र आवाज़ और टूटे दिल से दुआ करें
दुआ ऐसे शुरू करें:
ऐ अल्लाह!
हमने तेरे लिए नमाज़ अदा की,
हमारे टूटे-फूटे सजदों को क़ुबूल फरमा।
- अपने गुनाहों की माफी माँगें
- अपने माँ-बाप के लिए दुआ करें
- घर, रोज़ी, सेहत और ईमान की दुआ करें
- अपने दोस्तों और उम्मत-ए-मुस्लिमा के लिए दुआ करें
- दुनिया और आख़िरत की भलाई माँगें
आखिर में ज़रूर पढ़ें:
रब्बना आतिना फिद्दुनिया हसनतं
व फिल आख़िरति हसनतं
व क़िना अज़ाबन्नार
फिर दुरूद शरीफ पढ़कर हाथों को चेहरे पर फेर लें।
🌸 आख़िरी बात
मेरे प्यारे मोमिनों, अब आप Namaz Ke Baad Ki Dua भी जान चुके हैं और दुआ माँगने का सही तरीका भी। याद रखें हर दुआ या तो कुबूल होती है या किसी मुसीबत से बचा लेती है या आख़िरत के लिए जमा हो जाती है।
बस दिल से माँगिए क्योंकि अल्लाह दिलों की आवाज़ सुनता है अगर यह लेख आपको फायदेमंद लगा हो, तो इसे दूसरों तक ज़रूर पहुँचाएँ शायद किसी की दुआ आपके कारण कुबूल हो जाए।