Pani Peene Ki Dua – पानी पीने से पहले पढ़ी जाने वाली बरकत वाली दुआ

हम रोज़ न जाने कितनी बार पानी पीते हैं, लेकिन क्या हम जानते हैं कि एक छोटी-सी दुआ इस आम से अमल को भी इबादत बना सकती है?

इस्लाम हमें सिखाता है कि खाने-पीने जैसे मामूली काम भी अगर अल्लाह के नाम से किए जाएँ, तो उनमें रहमत, शिफ़ा और सवाब शामिल हो जाता है।

आज इस लेख में आप जानेंगे Pani Peene Ki Dua In Hindi, साथ ही वही दुआ अरबी और इंग्लिश में भी, ताकि हर उम्र का इंसान इसे आसानी से समझ सके और याद रख सके।


💧 Pani Peene Ki Dua In Hindi

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम


💧 Pani Peene Ki Dua In Arabic

بِسْمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيْمِ


💧 Pani Peene Ki Dua In English

Bismillah Hir Rahman Nir Raheem


📖 पानी पीने की दुआ का अर्थ

अल्लाह के नाम से शुरू करता हूँ,
जो बहुत मेहरबान और बेहद रहम करने वाला है।


🤲 पानी पीने की सुन्नतें

रसूलुल्लाह ﷺ ने पानी पीने का जो तरीका बताया, उसमें सेहत भी है और सवाब भी। पानी पीते वक़्त इन सुन्नतों का ख्याल रखें:

  • पानी पीने से पहले बिस्मिल्लाह पढ़ें
  • दाहिने हाथ से पानी पिएँ
  • पानी तीन सांस में पिएँ
  • हर सांस में बर्तन को मुँह से हटा लें
  • पानी घूँट-घूँट करके पिएँ
  • पानी में फूँक न मारें
  • सोना-चाँदी के बर्तन में पानी न पिएँ
  • बचा हुआ पानी बेवजह न फेंकें
  • पानी पीने के बाद अल्हम्दुलिल्लाह कहें

🌿 सुन्नत तरीके से पानी पीने के फायदे

  • प्यास अच्छे से बुझती है
  • हाजमा (पाचन) मजबूत होता है
  • सेहत पर अच्छा असर पड़ता है
  • बीमारी से बचाव होता है
  • शरीर में ताज़गी और ताक़त आती है
  • सुन्नत पर अमल करने का सवाब मिलता है

📜 पानी पीने से जुड़ी हदीस

📌 एक सांस में पानी पीने से मना

तिर्मिज़ी शरीफ़ में हज़रत इब्ने अब्बास رضي الله عنه से रिवायत है:

रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:
“एक सांस में पानी न पियो जैसे ऊँट पीता है, बल्कि दो या तीन सांस में पियो।”

और जब बर्तन मुँह से हटाओ तो अल्लाह की हम्द करो।


📌 अल्लाह को पसंद आने वाला अमल

इब्ने माजा में हज़रत इब्ने उमर رضي الله عنه से रिवायत है:

रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:
“अल्लाह उस बंदे से राज़ी होता है जो खाने के बाद और पानी पीने के बाद उसकी हम्द करता है।”


🌸 आख़िरी बात

मेरे प्यारे मोमिनों, अब आप जान चुके हैं कि Pani Peene Ki Dua सिर्फ़ लफ्ज़ नहीं, बल्कि एक ऐसा अमल है जो रोज़मर्रा की आदत को इबादत में बदल देता है।

अगर आप हर बार पानी पीते वक़्त यह दुआ पढ़ने लगें, तो इंशा अल्लाह आपकी ज़िंदगी में बरकत, सेहत और सुकून आएगा।

अगर यह लेख आपको फायदेमंद लगा हो, तो इसे दूसरों तक ज़रूर पहुँचाइए, ताकि और लोग भी पानी पीने की सही दुआ और सुन्नत तरीका सीख सकें।