रमज़ान उल मुबारक का महीना रहमत, मग़फिरत और निजात का महीना है। इस पाक महीने में रोज़ा रखना हर मुसलमान पर फ़र्ज़ है।
रोज़ा सिर्फ भूखा-प्यासा रहने का नाम नहीं, बल्कि यह अल्लाह की रज़ा के लिए सब्र, तक़वा और इबादत का बेहतरीन ज़रिया है। आज यहां हम आपको Roza Rakhne Ki Dua बताएंगे।
जिसे आप सेहरी के वक्त पढ़कर अपने रोज़े की नियत करते हैं। इस लेख में रोज़ा रखने की दुआ हिंदी, अरबी और इंग्लिश में दी गई है, ताकि हर मुसलमान सही तरीके से नियत कर सके।
🌙 Roza Rakhne Ki Dua In Hindi
अल्लाहुम्मा नवैतुअन असौमा ग़दन
लिल्लाहि तआला मिन फ़र्ज़ी रमज़ान
🌙 Roza Rakhne Ki Dua In Arabic
اَللّٰهُمَّ نَوَيْتُ أَنْ أَصُوْمَ غَدًا
لِلّٰهِ تَعَالٰى مِنْ فَرْضِ رَمَضَانَ
🌙 Roza Rakhne Ki Dua In English
Allahumma Nawaitu an Asooma Ghadan
Lillahi Ta‘ala Min Farzi Ramzaan
📖 Roza Rakhne Ki Dua Ka Tarjuma
मैंने नियत की कि अल्लाह तआला के लिए
कल रमज़ान का फ़र्ज़ रोज़ा रखूँगा।
🕋 रोज़ा रखने की नियत क्यों ज़रूरी है?
- रोज़े की नियत दिल से होना सबसे अहम है
- नियत के बिना रोज़ा मुकम्मल नहीं होता
- नियत का मतलब है अल्लाह की रज़ा के लिए रोज़ा रखना
- दुआ पढ़ना नियत को ज़ुबान से बयान करना है
याद रखें: अगर दुआ याद न हो, तब भी दिल में रोज़े की नियत होना काफ़ी है।
📿 रोज़ा रखने की दुआ से जुड़ी अहादीस
🕌 सेहरी की अहमियत पर हदीस
हज़रत अब्दुल्लाह बिन अब्बास रज़ियल्लाहु अन्हु बयान करते हैं:
रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:
“सेहरी खाकर दिन के रोज़े के लिए ताक़त हासिल करो और दिन में क़ैलूला करके रात की इबादत के लिए मदद लो।”
📚 (इब्ने माजह: 1693)
🌙 सेहरी में बरकत
हज़रत अबू सईद ख़ुदरी रज़ियल्लाहु अन्हु बयान करते हैं:
नबी ﷺ ने फ़रमाया:
“सेहरी में बरकत ही बरकत है, इसे मत छोड़ो, चाहे एक घूंट पानी ही क्यों न पी लो।”
📚 (मुस्नद अहमद: जिल्द 3, सफ़ा 12)
🤍 सेहरी करने वालों पर रहमत
हज़रत अब्दुल्लाह बिन उमर रज़ियल्लाहु अन्हुमा बयान करते हैं:
रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:
“अल्लाह तआला और उसके फ़रिश्ते सेहरी करने वालों पर दुरूद भेजते हैं।”
✨ उम्मत-ए-मुहम्मद की पहचान
हज़रत अम्र बिन आस रज़ियल्लाहु अन्हु बयान करते हैं:
रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:
“हमारे और यहूद-ओ-नसारा के रोज़ों में फर्क सेहरी खाना है।”
📚 (मुस्लिम: 1096)
📝 अंतिम लफ्ज़
मेरे प्यारे मोमिनों, अब आप Roza Rakhne Ki Dua In Hindi पूरी तरह समझ चुके होंगे। इस रमज़ान में सेहरी के वक्त दिल से नियत करें और इस दुआ को पढ़कर रोज़ा रखें।
हमने यहां रोज़ा रखने की दुआ को हिंदी, अरबी, इंग्लिश तीनों ज़बानों में आसान लफ्ज़ों के साथ पेश किया है, ताकि हर कोई सही तरीके से अमल कर सके।
अगर इस दुआ से जुड़ा कोई सवाल या डाउट हो, तो आप नीचे कॉमेंट करके ज़रूर पूछें। और अगर यह लेख फायदेमंद लगे, तो इसे दूसरों तक शेयर करें।