Shab-e-Qadr Ki Dua: इस एक दुआ से मिलती है पूरी ज़िंदगी की मग़फिरत

शब-ए-क़द्र… वो मुक़द्दस रात जो हज़ार महीनों से बेहतर है। ये सिर्फ़ एक रात नहीं, बल्कि अल्लाह की रहमत, मग़फिरत और क़ुबूलियत का दरिया है।

इस मुबारक रात में पढ़ी गई एक छोटी-सी दुआ भी इंसान की पूरी ज़िंदगी बदल सकती है। आज इस मुकम्मल पोस्ट में आप जानेंगे Shab-e-Qadr Ki Dua जो खुद नबी-ए-करीम ﷺ ने सिखाई है।

यह दुआ आपको यहां मिलेगी हिंदी में, अरबी में, इंग्लिश में, साफ़ तरजुमा, फज़ीलत और सही हदीस के साथ इसके बाद इंशा अल्लाह आपको कहीं और शब-ए-क़द्र की दुआ तलाश करनी नहीं पड़ेगी।


🤲 Shab-e-Qadr Ki Dua In Hindi

अल्लाहुम्मा इन्नका अफुव्वुन तुहिब्बुल अफ़वा फअफु अन्नी


🕋 Shab-e-Qadr Ki Dua In Arabic

اَللّٰهُمَّ اِنَّكَ عَفُوٌّ تُحِبُّ الْعَفْوَ فَاعْفُ عَنِّى


🌍 Shab-e-Qadr Ki Dua In English

Allahumma innaka ‘Afuwwun tuhibbul ‘afwa fa‘fu ‘anni


📖 Shab-e-Qadr Ki Dua Ka Tarjuma

ऐ अल्लाह! बेशक तू बहुत ज़्यादा माफ़ करने वाला है
और माफ़ करना तुझे बेहद पसंद है,
तो ऐ अल्लाह! मुझे भी माफ़ फरमा दे।


✨ Shab-e-Qadr Ki Dua Ki Fazilat (बरकतें)

शब-ए-क़द्र की इस दुआ की फज़ीलत बहुत ही अज़ीम है:

  • इस दुआ को पढ़ने से गुनाहों की मग़फिरत होती है
  • शब-ए-क़द्र की रात में नेक और जायज़ दुआएं क़ुबूल होती हैं
  • छोटे और बड़े दोनों तरह के गुनाह माफ़ हो जाते हैं
  • इस दुआ को पढ़ने वाले पर अल्लाह की खास तजल्लियाँ नाज़िल होती हैं
  • दिल को सुकून और रूह को पाकीज़गी नसीब होती है

📜 Shab-e-Qadr Ki Dua Ki Hadees

उम्मुल मोमिनीन हज़रत आइशा सिद्दीक़ा रज़ियल्लाहु अन्हा फरमाती हैं:

मैंने रसूलुल्लाह ﷺ से अर्ज़ किया:

“या रसूलुल्लाह ﷺ,
अगर मुझे शब-ए-क़द्र मिल जाए,
तो मैं उस रात क्या दुआ पढ़ूं?”

तो नबी-ए-करीम ﷺ ने फ़रमाया:

“इस तरह दुआ मांगा करो:
अल्लाहुम्मा इन्नका अफुव्वुन तुहिब्बुल अफ़वा फअफु अन्नी।”

यानी यही दुआ शब-ए-क़द्र की सबसे अफ़ज़ल दुआ है।

Refrence


🕌 Shab-e-Qadr Me Dua Kab Aur Kaise Padhein

  • शब-ए-क़द्र की नमाज़ के बाद
  • तहज्जुद या नफ़्ल इबादत के बाद
  • रोते हुए, गिड़गिड़ाते हुए, दिल से
  • बार-बार और पूरी यक़ीन के साथ

बेहतर है कि इस दुआ को इक्कीसवीं, तेईसवीं, पच्चीसवीं, सत्ताईसवीं और उनतीसवीं रात में ज़्यादा से ज़्यादा पढ़ा जाए।


🔚 अंतिम बात

मेरे प्यारे मोमिन भाइयों और बहनों, अब आप अच्छी तरह समझ चुके होंगे कि शब-ए-क़द्र की दुआ कितनी छोटी लेकिन कितनी ताक़तवर है।

अगर इस एक दुआ को सच्चे दिल से पढ़ लिया जाए, तो इंसान का पूरा अतीत माफ़ हो सकता है। अगर इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपके मन में कोई सवाल, शक या डाउट हो तो नीचे कॉमेंट करके ज़रूर पूछें।

और अगर यह लेख आपको फायदेमंद लगा हो, तो इसे ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें, ताकि हर मोमिन इस मुक़द्दस रात की इस अज़ीम दुआ से वाक़िफ़ हो सके।