इस्लाम हमें सिखाता है कि दिन की शुरुआत भी अल्लाह के नाम से हो और दिन का ख़ात्मा भी अल्लाह की याद के साथ किया जाए।
इसलिए सोने से पहले दुआ पढ़ना बहुत बड़ी सुन्नत और बरकत का अमल है। अगर आप रोज़ाना Sone Ki Dua पढ़कर सोते हैं, तो अल्लाह की हिफ़ाज़त में रहते हैं और फरिश्ते आपकी निगहबानी करते हैं।
इस लेख में आप सोने से पहले की दुआ हिंदी, अरबी और इंग्लिश में जानेंगे, साथ ही सोने का मस्नून तरीका और इसकी फ़ज़ीलत भी पढ़ेंगे।
Sone Ki Dua In Hindi
अल्लाहुम्मा बि इस्मिका अमूतु व अहया
Sone Ki Dua In Arabic
اللَّهُمَّ بِاسْمِكَ أَمُوتُ وَأَحْيَا
Sone Ki Dua In English
Allahumma Bi’ismika Amutu Wa Ahya
सोने की दुआ का मतलब
इस दुआ का अर्थ है:
“ऐ अल्लाह! मैं तेरे ही नाम के साथ सोता हूँ और तेरे ही नाम से ज़िंदा उठता हूँ।”
यह दुआ इंसान को यह एहसास दिलाती है कि हमारी नींद और जागना, दोनों अल्लाह की मर्ज़ी से हैं।
सोने से पहले क्या-क्या पढ़ना चाहिए? (सुन्नत अमल)
रसूलुल्लाह ﷺ सोने से पहले कुछ खास सूरहें और आयतें पढ़ा करते थे। अगर आप चाहते हैं कि आपकी रात अमन और सुकून में गुज़रे, तो सोने से पहले ये अमल ज़रूर करें:
- 1 मरतबा सूरह इख़लास
- 1 मरतबा सूरह फ़लक
- 1 मरतबा सूरह नास
- 1 मरतबा आयतुल कुर्सी
इन सबको पढ़ने के बाद Sone Ki Dua पढ़ें। अगर इसके बाद तुरंत नींद न आए, तो ज़िक्र-ए-इलाही और दुआ में मशगूल रहें, इससे नामाए आमाल में नेकियाँ बढ़ती हैं।
सोने का मस्नून तरीका (Sleeping Sunnah Method)
सोने से पहले सिर्फ़ दुआ ही नहीं, बल्कि तरीका भी सुन्नत के मुताबिक होना चाहिए।
- अगर वुज़ू की हालत में सोया जाए और उसी रात मौत आ जाए, तो शहादत का दर्जा मिलता है
- सोने से पहले बिस्तर को अच्छी तरह झाड़ लें
- सोते समय दाईं करवट सोना बेहतर है
- सिर (माथा) पश्चिम की तरफ़ रखना बेहतर बताया गया है
- आयतुल कुर्सी पढ़कर सोने वाला इंसान शैतान से महफूज़ रहता है
- तीनों “कुल” पढ़ने से बुरी नज़र और शैतानी वसवसों से हिफ़ाज़त होती है
- सोते समय टाँग पर टाँग न रखें, बल्कि दोनों पैर सीधा रखें
Sone Ki Dua की फ़ज़ीलत
सोने से पहले दुआ पढ़ने के कई फ़ायदे हैं:
- फरिश्तों की हिफ़ाज़त मिलती है
- शैतान से बचाव होता है
- नींद सुकून और इत्मिनान वाली होती है
- रात इबादत में शुमार हो जाती है
- सुबह उठने पर दिल हल्का और ज़हन साफ़ रहता है
क्यों ज़रूरी है Sone Ki Dua याद रखना?
आजकल लोग मोबाइल देखते-देखते सो जाते हैं, लेकिन दुआ पढ़ना भूल जाते हैं। अगर Sone Ki Dua याद हो, तो:
- सुन्नत पर अमल होता है
- हर रात इबादत में लिखी जाती है
- अल्लाह की रहमत शामिल हो जाती है
आख़िरी बात
मेरे प्यारे मोमिनों Sone Ki Dua बहुत छोटी है लेकिन इसका असर बहुत बड़ा है। कोशिश करें कि आज से ही हर रात सोने से पहले यह दुआ पढ़ें और अपने बच्चों को भी सिखाएँ।
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